Symptoms of cancer in Hindi – कैंसर के लक्षण और बचने का उपाय

Symptoms of cancer :-कैंसर कई रोगों का ऐसा समूह है जिसमे कोशिकाएं बहुत तेजी से बढ़ना शुरू हो जाती है | और यही कोशिकाएं बढ़ने के बाद ट्यूमर का रूप ले लेती है | जो जरुरत से ज्यादा बढ़ा हुआ चर्बी की गांठ होती है | कैंसर हमारे शरीर के किसी भी हिस्से या अंग की कोशिकाओ को प्रभावित कर सकता है | जिसके कारण हमारे शरीर की कोशिका बिभाजित होने लगती है या जरुरत से ज्यादा फैलने लगती है |

कैंसर से होने वाले ट्यूमर के दो भाग होते है | 1. बिनाइन 2. मालिंग्नैंत के नाम से जानते है | बिनाइन ट्यूमर शरीर के एक हिस्से से दुसरे हिस्से में नहीं फैलता है जबकि मालिंग्नैंत ट्यूमर शरीर के एक हिस्से से दुसरे हिस्से में फ़ैल जाते है |कैंसर भिन्न भिन्न प्रकार के द्वारा आपके शरीर को प्रभावित कर सकता है | मुख्यतः सबसे ज्यादा कैंसरो का कारण अनुवांशिक रूप से होने वाले बदलाव जैसे – ध्रूमपान , तनाव , अधिक शराब का सेवन ,केमिकल रेडीएसन , और अन्य कारण हो सकते है |

हमारे शरीर में कैंसर के लक्षण का पता लगाने के लिए सबसे पहले शारीरिक परीक्षण किया जाता है | शारीरिक परीक्षण के बाद एक्सरे , सिटी स्कैन , पीईटी स्कैन और एमआरआई आदि परीक्षण भी किये जाते है |

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कैंसर के लक्षण – Symptoms of cancer in Hindi

कैंसर की शुरुआती लक्षण को कैसे पहचान सकते है ?

कैंसर शरीर कि किसी भी हिस्से में हो सकती है और उसकी पहचान भी अलग अलग होती है |इन सब के अलावा कुछ ऐसे लक्षण भी है जिससे कैंसर के लक्षण को पता लगाया जा सकता है |और इसकी पहचान कैंसर के प्रकार और कैंसर किस स्थान पर हुआ है उस स्थान पर निर्भर करता है |चुकिः कुछ ऐसे अन्य लक्षण भी है जिससे पता लगा सकते है जैसे –

  • भोजन निगलने में कठिनाई आना |
  • तुरंत का तुरंत / बार बार बुखार आना |
  • शरीर का बजन अचानक कम या ज्यादा हो जाना |
  • त्वचा के अन्दर गांठ जैसा महसूस होना |
  • त्वचा के किसी भी हिस्से पर बार बार नीला पड़ना |
  • भूख का कम लगना |
  • शरीर के घाव की ठीक होने में ज्यादा समय लगना |
  • रात भर पसीना आना |
  • कमजोरी और थकान महसूस होना |
  • लगातार खांसी रहना या सांस लेने में कठिनाई होना |
  • पाचन में दिक्कत आना |
  • त्वचा पर किसी चीज से जल्दी निशान पड़ जाना |

डॉक्टर की सलाह कब ले ?

यदि ऊपर बताये गए किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे | ऐसा इसीलिए क्यूंकि कैंसर को सिर्फ शुरुआती स्टेज में ही रोका जा सकता है |सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरुरत यह है की ऊपर बताये गए लक्षण सभी मरीजो में में देखने को नहीं मिले |

कुछ लोगो को कैंसर का पता लास्ट स्टेज में दिखयी देने लगता है |जबकि कुछ लोगो को ये लक्षण दिखाई ही नहीं देता है | और जब ये किसी चीज की शारीरिक जाँच करवाते है तब पता चल पता है की वे कैंसर से ग्रसित है | इसीलिए ऐसा किसी भी पप्रकार का लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे |

कैंसर क्या है | What is Cancer in Hindi

शरीर की कोशिकाओ को असाधारण ढंग से बढ़ने के विकारो को कैंसर कहते है | कैंसर रोग में शरीर की कोशिकाए अव्यवस्थित और अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगता है | विशेषज्ञों का मानना है की DNA में असामान्य बदलाव कैंसर के कारण ही उत्पन्न होते है |

चुकिः कैंसर के द्वारा उत्पन्न ट्यूमर में मौजूद सभी प्रकार की कोशिकाए का आकार, बजन आदि एक सामान नहीं होती है | ट्यूमर में सिर्फ और सिर्फ 1% कैंसर स्टीम उत्तक ( CSC ) मौजूद होते है |CSC दिखने में लगभग सामान्य कोशिकाओ के तरह लगती है लेकिन इसमें ये वही कोशिका है जो कैंसर को फ़ैलाने में मदद करती है |येही कोशिका बिभाजित होकर ट्यूमर का रूप देती है | WHO के अनुसार दुनिया में सबसे ज्यादा मृत्यु डर कैंसर के द्वारा ही होती है |

कैंसर के प्रकार की जानकारी – Cancer type information in Hindi

किस उत्तक के द्वारा कैंसर शुरू हुआ है उसके द्वारा कैंसर के प्रकार को विभाजित कर सकते है |

  1. सारकोमा :- सारकोमा कैंसर संयोजी उत्तको से होने वाला एक कैंसर है और इसके संयोजी उत्तको को connective tissue भी कहा जाता है | इसके द्वारा शरीर के अलग अलग हिस्सों को जोड़ने का काम होता है | जैसे – टेंडन , लिगामेंट . एरिओलर उत्तक आदि |

2. कार्सिनोमा :- यह कैंसर आमतौर पर एपिथेलियम उत्तको के द्वारा होता है | यह उत्तक शरीर के अन्दर और बाहर दोनों जगह के सतह को बनाते है | जैसे – आंत की सतह, मुह के अन्दर और बाहर की सतह | कार्सिनोमा को कैंसर का सबसे महत्ब्पूर्ण माना जाता है | कार्सिनोमा के द्वारा ब्रैस्ट कैंसर , प्रोस्टेट कैंसर और त्वचा कैंसर आदि शामिल है |

3. लिम्फोला :- लिम्फोला कैंसर लसिका प्रणाली में होने वाला या उससे सम्बंधित अंगो में होने वाला कैंसर है |लसिका द्रव ( limf ) एक विशेष प्रकार का ऐसा द्रव है जो उत्तको के बीच छोटे छोटे और सूक्ष्म स्थान बनता है | यह शरीर के लसिका वाहिका एवं ग्रन्थियो के रूप में फैलने वाला कैंसर है |

इसके अलावा कुछ ऐसे कैंसर है जो शरीर के विभिन्न हिस्से में होते है | जिसे नीचे निम्नलिखित बताया जा रहा है |

  • गर्भाशय कैंसर
  • अंडाशय कैंसर
  • ब्लड कैंसर
  • स्तन कैंसर
  • मुंह का कैंसर
  • सवाईकल कैंसर
  • फेफड़े का कैंसर
  • त्वचा कैंसर
  • पेट का कैंसर
  • गले का कैंसर
  • कोलन कैंसर
  • लीवर कैंसर
  • मस्तिष्क कैंसर
  • वृषण कैंसर
  • अग्नाशय कैंसर

कैंसर का खतरा कब बन जाता है ?

कैंसर का खतरा निम्न कारणों से हो सकता है –

  • ध्रूमपान , तम्बाकू या उसके उत्पाद से बने चीज का लम्बे समय तक सेवन करने से फेफड़े और मुंह का कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है |
  • गन्दा आहार और रिफाईन खाद्य पदार्थ का सेवं जिसके फाइबर कम होता है , का सेवन करने से कोलन कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है |
  • अधिक लम्बे समय तक शराब या अल्कोहल का सेवन करने से लीवर कैंसर सहित अन्य कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है |
  • किसी किसी व्यक्ति को उम्र बढ़ने के साथ साथ कुछ निम्न प्रकार के कैंसर होने का खतरा बनता है जैसे- ब्रैस्ट कैंसर, कोलन कैंसर आदि
  • शरीर में अनुवांशिक दोष के कारण भी कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है |जैसे महिलाओ में BRCA1 या BRCA2 जिन उत्परिवर्तन होते है जिससे ब्रैस्ट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है |
  • अगर आपके परिवार में पहले से किसी को कैंसर है तो कैंसर होने के खतरे को बढ़ा देता है | इसमें सबसे ज्यादा मामला ब्रैस्ट कैंसर देखने को मिलते है |
  • किसी कार्य के दौरान कुछ हानिकारक पदार्थ के संपर्क में आने से भी कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है |
  • बहुत अधिक समय तक धुप में ( पराबैगनी किरण ) रहने के कारण भी कैंसर हो सकता है और बार बार शरीर के एक्सरे करबाने से भी कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है |
  • मोटापा होना भी कैंसर होने का संकेत देता है | अधिक मात्रा में वसा युक्त भोजन करने से और शारीरिक गतिबिधिया कम करने पर भी कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है |
  • कैंसर का सबसे मुख्य कारण तनाव को माना जाता है क्यूंकि तनाव शरीर से सभी हिस्सों को नुकसान पहुंचाता है | इसके साथ साथ प्रतिरक्षा प्रणाली भी कमजोर हो जाती है |

कैंसर से कैसे बचे ? How to avoid cancer in Hindi

आप अपने दैनिक जीवन में स्वस्थ्य जीवनशैली को अपना कर कैंसर विकसित होने से बचा जा सकता है | कैंसर से कैसे बचाव करे इसका सुझाव नीचे बताया गया है जो निम्न है –

  • शराब का सेवन न करे |
  • ध्रूमपान का सेवन न करे |
  • अपने दैनिक आहार में फाइबर युक्त भोजन ग्रहण करे |
  • वसा युक्त भोजन न ले |
  • बाहर का खाना या डिब्बा में बंद भोजन न करे |
  • यदि आप किसी ऐसे जगह पर कार्य करते है जहाँ पर रेडिएसन ज्यादा है वहां पर सेफ्टी उपकरण का इस्तेमाल करे |
  • रोज व्यायाम करे और अपने शरीर का बजन सामान्य बनाये रखे |
  • आप अपने शरीर को नियमित रूप से हर महीने जाँच करबाते रहे ताकि किसी भी प्रकार की आशंका होने पर तुरंत उसका पता चल जाये |
  • अगर आपका शरीर नीला पड़ रहा हो ये घाव जल्दी ठीक नहीं हो रहा हो तो आप डॉक्टर से जरुर संपर्क करे |
  • टीकाकरण नियमित रूप से लगते रहे और जितना ज्यादा हो तनाव को कम करे |

कैंसर का परीक्षण कैसे करे ?

कैंसर की परीक्षण के लिए डॉक्टर सबसे पहले मरीज की उम्र , पारिवारिक रोग , आदि लक्षणों का जाँच करता है | इसके अलावा मरीज या उनके परिवार से सवाल पूछे जाते है जिससे सम्बंधित कैंसर की पहचान कर सके |कुछ टेस्ट होते है जिससे कैंसर का पता लगाया जाता है –

  • शारीरिक परीक्षण
  • lab टेस्ट
  • इमेजिंग टेस्ट
  • बायोप्सी
  • PSA
  • CEA
  • CA 19.9 E.TC

कैंसर का इलाज कैसे होते है ? How does cancer treatment in Hindi

कैंसर का इलाज ज्यादातर 2 तरीको से किया जाता है | 1. सर्जिकल ट्रीटमेंट 2. नॉन सर्जिकल ट्रीटमेंट |

कैंसर का इलाज का अन्य प्रक्रिया और भी है जैसे – बिस्फोस्फोनेट्स , हार्मोन्स थेरेपी आदि | ये सब प्रक्रिया का इलाज विशेष कंडीशन में किया जाता है | प्रोस्टेट कैंसर के लिए हार्मोन्स थेरेपी एक बहुत ही अच्छा विकल्प है |

सलाह :- ऊपर दी गयी जानकारी स्टडी पर आधारित है | कुछ भी इस तरह के समस्या होने पर और लक्षण होने पर आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे और उनके विचार परामर्श करे |

निष्कर्ष :- अब आप समझ ही गए होंगे की कैंसर के क्या क्या लक्षण हो सकते है और उससे कैसे बचा जा सकता है | अगर आपको मेरी ये पोस्ट अच्छी लगी होगी तो आप इसे like करे, और follow करे और शेयर भी जरुर करे ताकि उन्हें भी इसकी जानकारी मिल सके | इस तरह की और जानकारी के लिए आप मेरे वेबसाइट www.24hourhindi.in पर जाकर विजिट कर सकते है |

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धन्यवाद !!!

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