Disadvantage of shampoo and soap | शैम्पू और साबुन के नुकसान

Disadvantage of shampoo : टीवी विज्ञापन में हेयर केयर से जुड़े बहुत सारे ऐसे तमाम प्रोडक्ट्स देखने को मिलते है और बालों से जुडी समस्याओ से छुटकारा दिलाने का दावा भी पेश करती हैं | शैंपू भी इन्ही विज्ञापन में से एक है। दरअसल, शैंपू के विज्ञापनों ( Disadvantage of shampoo ) में इस बात के दावे किए जाते हैं कि शैंपू लगाने से आपके बाल (Shampoo And Hair Problem) लंबे , घने और मजबूत होंगे साथ ही रूसी की समस्या खत्म हो जाएगी!

मगर इन तथ्‍यों में कितनी सच्चाई छुपी है? क्या आपने शैंपू लगाने से पहले शैंपू के फैक्‍ट्स ( Disadvantage of shampoo) जानने की कोशिश की? शायद आपका जवाब ‘नहीं’ में हो। मगर, शैंपू के बारे में कुछ बातों को जानना हमारे लिए बहुत जरूरी है।

तो आइये इस पोस्ट के माध्यम से हम शैम्पू लगाने के फायदे और नुकसान ( Disadvantage of shampoo) के बारे में निचे विस्तार से चर्चा करते हैं |

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Contents

शैम्पू लगाने के फायदे और नुकसान | Advantage & Disadvantage of shampoo in Hindi

एक आम आदमी जिनके बालो में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं है उनके लिए शैम्पू फायदेमंद हो सकते है इससे उसके बाल साफ रहते हैं , क्‍योंकि गंदे बाल अक्‍सर झड़ने और रूसी का कारण ( Disadvantage of shampoo) बनते हैं। शैंपू से बालों की सफाई ‘पर्सनल हाइजीन’ का हिस्‍सा है। 

लेकिन अगर आपके बालो में किसी भी प्रकार की समस्या है तो यह आपके लिए नुकसान हो सकती हैं | इसीलिए किसी भी शैम्पू का इस्तेमाल करने से पूर्व डॉक्टर से सलाह लेना जरुरी हो जाता हैं | अगर बालों में जरुरत से ज्यादा शैम्पू का इस्तेमाल होता है तो या नुकसानदायक हो सकता है | बालों में होने वाले नुकसान ( Disadvantage of shampoo ) निम्नलिखित हैं –

  • बालों का बीच से टूटना
  • स्‍कैल्‍प पर नमीं की कमी
  • स्‍कैल्‍प पर दरारें पड़ना
  • बालों का झड़ना (अपवाद) , आदि

क्‍या शैंपू करने से बाल झड़ना रूक जाते हैं?

डॉक्टर के अनुसार बालों में नियमित शैम्पू करना चाहिए | मगर ऐसा कभी नहीं हो सकता हैं की नियमित बालों में शैम्पू करने से बाल का झड़ना रुक सकता हैं | बालों के झड़ने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिसका उपचार किया जा सकता है। 

हालांकि शैंपू रूसी से काफी हद तक फायदा पहुंचा सकता है। मगर अत्‍यधिक शैंपू का इस्‍तेमाल हानिकारक ( Disadvantage of shampoo ) है।

शैंपू का pH मान कितना होना चाहिए:- हमारे बालों की सेहत शैंपू या साबुन के इस्तेमाल पर ही निर्भर करती है। जिस तरह हमारी त्वचा के लिए पीएच (pH) मान कम होना चाहिए। उसी तरह हमारी सिर की त्वचा के लिए भी पीएच (pH) का मान 5 से कम होना चाहिए।

जब हम बालों को पानी या किसी भी क्षारीय उत्पाद से धोते या फिर साफ़ करते है तो वह हमारे सिर की त्वचा की ऊपरी परत (क्यूटिकल) को खोल देता है। इसी वजह से बालों के नाजुक हिस्से को नुक़सान ( Disadvantage of shampoo) पहुँचता है। इसलिए उसी शैम्पू का उपयोग करे जिसका pH मान 5 से कम हो।

पीएच-संतुलित शैंपू का उपयोग क्यों करना चाहिए?

बालों का पीएच लेवल 3.7 होना चाहिए, जबकि स्कैल्प का पीएच लेवल 5.5 (2) होना चाहिए। अल्कलाइन शैंपू बालों के क्यूटिकल्स को सूज कर खुलते हैं, जिससे बाल फ्रिजी हो जाते हैं। एसिडिक शैंपू क्यूटिकल्स के बालों के रेशों को सिकुड़ने और बालों के शाफ्ट पर सपाट होने का कारण बनते हैं, जिससे बाल चिकने हो जाते हैं (3)। इन स्तरों को बनाए रखने के लिए, 5.5 और उससे कम के पीएच स्तर वाले शैंपू का उपयोग करें। पीएच-संतुलित शैंपू स्कैल्प से होने वाले फंगल इंफेक्शन ( Disadvantage of shampoo) को भी दूर रखते हैं।

Disadvantage of soap : बार-बार साबुन का इस्तेमाल करने से स्किन और हमारी सेहत को नुकसान भी पहुंच सकता है। कई स्टडीज़ और रिसर्च में बार-बार इस बात का ज़िक्र किया जाता रहा है कि, साबुन का अधिक इस्तेमाल हमारी त्वचा के लिए नुकसानदायक ( Disadvantage of soap ) साबित होता है।

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि साबुन का बहुत अधिक इस्तेमाल हमारी सेहत पर  भी बुरा असर डालता है? तो आइये इस पोस्ट के माध्यम से हम साबुन से होने वाले फायदे और नुकसान ( Disadvantage of soap ) के बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं |

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साबुन लगाने के फायदे और नुकसान | Advantage & Disadvantage of Soap in Hindi

हाथ धोने, चेहरे की सफाई और नहाने के लिए साबुन का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। इससे, ना केवल शरीर की सफाई होती है। बल्कि, पसीने और स्किन प्रॉब्लम्स को बढ़ाने वाले बैक्टेरिया का भी सफाया होता है। लेकिन कई बार Disadvantage of shampoo के बाबजूद बार-बार साबुन का इस्तेमाल करने से भी स्किन और हमारी सेहत को नुकसान भी पहुंच सकता है।

कई स्टडीज़ और रिसर्च में बार-बार इस बात का ज़िक्र किया जाता रहा है कि, साबुन का अधिक इस्तेमाल हमारी त्वचा के लिए नुकसानदायक ( Disadvantage of soap ) साबित होता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि साबुन का बहुत अधिक इस्तेमाल हमारी सेहत पर  भी बुरा असर डालता है?

साबुन के बहुत ज़्यादा इस्तेमाल से हो सकते हैं ये नुकसान

कुछ समय पहले आयी रिपोर्ट्स में बताया गया कि, नहाने के लिए इस्तेमाल होने वाले साबुनों में ऐसे केमिकल्स मौजूद होते हैं, जो हार्मोन्स के स्तर में गड़बड़ी की वजह बन सकते हैं साबुन में ट्राइक्लोसन और ट्राइक्लोकार्बन जैसे केमिकल्स मौजूद होते है। और यह केमिकल्स हेल्थ के लिए भी बहुत नुकसानदायक ( Disadvantage of soap ) माना जाता है।

साबुन के ज़्यादा इस्तेमाल का एक बड़ा नुकसान ( Disadvantage of soap ) यह भी है की साबुन के उत्पादन के समय मिलाए जाने वाले कुछ केमिकल्स स्किन एलर्जिस का कारण बन सकते हैं। साथ ही इससे, हमारी इम्यूनिटी पर भी बुरा असर पड़ता है। 

शरीर की त्वचा पर कई बार साबुन लगाने से स्किन के नैचुरल ऑयल्स की परत को नुकसान ( Disadvantage of soap ) पहुंचता है। और स्किन का नैचुरल पीएच बैलेंस बिगड़ जाता है। जिसके कारण प्राकृतिक नमी कम होने से ड्राई स्किन की प्रॉब्लम , त्वचा का जहाँ तहां से कट फट जाना जिससे कई प्रकार की एलर्जिस और बीमारियों का ख़तरा भी बढ सकता है।

साबुन का pH मान कितना होना चाहिए : साबुन खरीदते समय अब लोग एक बात का और विशेष ध्यान रखते हैं जो है पीएच लेवल। साबुन का पीएच लेवल उसकी गुणवत्ता का एक पैमाना माने जाने लगा है। आइए जानते हैं क्या है पीएच लेवल। (pH Level of Soap)

हमारी स्किन का नैचुरल पीएच लेवल 5.4 से 5.9 के बीच होता है। इससे, त्वचा पर मौजूद बैक्टेरिया और अन्य नैचुरल रसायनों का स्तर ठीक रहता है। साबुन चुनते समय आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि साबुन का पीएच लेवल 5 से 7 के बीच हो। क्योंकि, इससे अधिक  पीएच लेवल स्किन के लिए नुकसानदायक ( Disadvantage of soap ) साबित हो सकता है। अधिक पीएच लेवल से त्वचा संबंधी ये समस्याएं हो सकती हैं।

  • स्किन ड्राई हो सकती है।
  • त्वचा की ऊपरी परत की रंगत बदल जाती है।
  •  त्वचा में मौजूद नैचुरल ऑयल कम होने लगते हैं जिससे, समय से पहले स्किन बूढ़ी दिखने लगती है।

अभिप्राय और उद्देष्य:
इस अध्ययन का उद्देश्य बाजार में उपलब्ध विभिन्न ब्रांडों के नहाने के साबुन और शैंपू के पीएच का आकलन करना था।

आमतौर पर आबादी द्वारा उपयोग किए जाने वाले साबुन और शैंपू का पीएच सामान्य त्वचा और बालों के पीएच मानों की सीमा से बाहर होता है। इसलिए, यह आशा की जाती है कि रोगी विशेष रूप से संवेदनशील और मुँहासा प्रवण त्वचा वाले लोगों को साबुन की सिफारिश करने से पहले, पीएच कारक पर उचित विचार किया जाता है और यह भी कि निर्माता अपने द्वारा निर्मित साबुन और शैंपू के पीएच पर विचार करेंगे, ताकि उनके उत्पाद अधिक त्वचा और बालों के अनुकूल होंगे।

ऊपर के पोस्ट Disadvantage of shampoo and soap | शैम्पू और साबुन के नुकसान में विस्तार से जान गए होंगे की शैम्पू और साबुन का का ज्यादा इस्तेमाल करने से क्या क्या नुकसान ओ सकते हैं |

Frequently Asked Questions | FAQs Disadvantage of shampoo and soap

शैम्पू के नुकसान क्या हैं?

सूखे शैंपू का बहुत अधिक मात्रा में या बार-बार उपयोग करने से अवशेष जमा हो सकते हैं जो आपके बालों को एक मोटा बनावट दे सकते हैं। प्राकृतिक तेलों को बालों को हाइड्रेट करने से रोककर अति प्रयोग भी बालों को सुखा सकता है, जो इसे और अधिक भंगुर बना सकता है।

क्या साबुन को शैम्पू की तरह इस्तेमाल करना हानिकारक है?

हां आप कर सकते हैं। लेकिन जब आप अपने बालों को शैम्पू से धोएंगे तो ऐसा महसूस नहीं होगा। प्राकृतिक साबुन आपके बालों को साफ कर देगा लेकिन यह आपके बालों को थोड़ा मोमी महसूस कराएगा। … वे कंडीशनर, डिटैंगलर और विटामिन जैसे अन्य अवयवों को भी मिलाते हैं जो उपयोग के बाद बालों को एक नरम एहसास देते हैं।

कौन सा अधिक हानिकारक साबुन या शैम्पू है?

शैंपू क्लींजिंग एजेंट होते हैं जो कोई अवशेष नहीं छोड़ते हैं। इसके अलावा, साबुन आमतौर पर बालों के लिए विशेष रूप से तैयार नहीं किए जाते हैं। इसलिए जब आप अपने बालों को समय-समय पर धोने के लिए साबुन का उपयोग कर सकते हैं, तो इसे नियमित आदत बनाने से आपके बाल खराब हो सकते हैं।

साबुन बालों के लिए अच्छा क्यों नहीं है?

आप निश्चित रूप से अपने बालों को साबुन से धो सकते हैं, लेकिन यदि आप तरल शैंपू के अभ्यस्त हैं, तो आप परिणामों से खुश नहीं होंगे। साबुन बालों को रूखा और मोमी बना सकता है और तरल डिटर्जेंट के कई लाभ प्रदान नहीं करेगा।

क्या शैम्पू से बाल झड़ते हैं?

नहीं, बालों को बार-बार शैंपू से धोने से बाल झड़ते नहीं हैं। वास्तव में, अपने बालों को धोने से उन्हें कोमल और मुलायम बनाए रखने में मदद मिलती है, क्योंकि यह पानी है न कि तेल जो आपके बालों को हाइड्रेट करता है। आपके बालों के प्रकार के लिए सही शैम्पू एक ही समय में सफाई करते समय पानी में आना चाहिए।

क्या साबुन से बाल झड़ते हैं?

हां, बालों को धोने के लिए साबुन का उपयोग करने से बाल झड़ सकते हैं क्योंकि साबुन का पीएच उच्च होता है जबकि आपके सिर की त्वचा में अम्लीय पीएच होता है। … अगर बालों पर इस्तेमाल किया जाता है, तो यह अवशेष छोड़ सकता है और इसे मोटा, सूखा और उलझा सकता है।

क्या साबुन का इस्तेमाल शैम्पू से बेहतर है?

दोनों सुगंधित या बिना गंध वाले, रंगीन या स्पष्ट हो सकते हैं। और दोनों को त्वचा और बालों को धोने के लिए डिज़ाइन किया गया है – शैम्पू आपके स्कैल्प और बालों को साफ करता है जबकि साबुन आपके हाथों / शरीर और आपकी त्वचा को ढकने वाले सभी छोटे (या इतने छोटे नहीं) बालों को साफ करता है। … संक्षिप्त उत्तर हां है, वे निश्चित रूप से शैम्पू और साबुन के बीच का अंतर हैं।

क्या रोजाना शैम्पू का इस्तेमाल करना हानिकारक है?

शैम्पू को खोपड़ी को साफ करने और अतिरिक्त तेल को हटाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। लेकिन अगर इसका अत्यधिक उपयोग किया जाता है या यदि आप इसे अपने बालों की लंबाई से कम करते हैं, तो शैम्पू आपके बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। शैम्पू खोपड़ी से पैदा होने वाले महत्वपूर्ण तेलों को हटा देता है और बालों और खोपड़ी को बहुत शुष्क छोड़ सकता है।

क्या चेहरे पर साबुन लगाना सही है?

फेशियल साबुन का पीएच मान मानक बॉडी सोप की तुलना में कम होता है, जो इसे चेहरे पर उपयोग के लिए इतना आदर्श बनाता है, क्योंकि इससे आपकी त्वचा के सूखने की संभावना कम होती है। स्टैंडर्ड हैंड सोप या बॉडी वॉश का इस्तेमाल करने से आपका चेहरा लाल हो सकता है, रूखा हो सकता है या त्वचा छिल सकती है।

क्या हम रोजाना शैम्पू कर सकते हैं?

किसे रोजाना शैंपू करना चाहिए? विशेषज्ञ सहमत हैं: केवल एक छोटे समूह को रोजाना शैम्पू करने की आवश्यकता होती है, जैसे कि बहुत अच्छे बाल वाले, कोई व्यक्ति जो बहुत व्यायाम करता है (और पसीना आता है), या कोई बहुत आर्द्र स्थान पर रहता है, गोह कहते हैं। “यदि आपके पास तैलीय खोपड़ी है, तो दैनिक धुलाई की आवश्यकता होती है,”

क्या शैम्पू में साबुन होता है?

शैम्पू आम तौर पर एक सर्फेक्टेंट, सबसे अधिक बार सोडियम लॉरिल सल्फेट या सोडियम लॉरथ सल्फेट को मिलाकर बनाया जाता है, जिसमें एक सह-सर्फैक्टेंट होता है, जो अक्सर पानी में कोकेमिडोप्रोपाइल बीटािन होता है। सल्फेट घटक एक सर्फेक्टेंट के रूप में कार्य करता है, अनिवार्य रूप से भारी शुल्क वाला साबुन जो तेल और ग्रीस को फंसाना आसान बनाता है।

एक अच्छी शैम्पू सेवा के क्या लाभ हैं?

बालों में फंसे अतिरिक्त तेल और गंदगी को साफ करने के लिए शैम्पू का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, यह केवल नियमित शैम्पू नहीं है जिसका उपयोग आपको तैलीय बालों के उपचार में करना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब शैम्पू तेल को हटाता है, तो वसामय ग्रंथियां और भी अधिक तेल स्रावित करके प्रतिक्रिया करती हैं।

क्या साबुन शैम्पू से हल्का होता है?

हाथ से बने साबुन के कुछ निर्माता हैं जो “शैम्पू” बनाते हैं जो वास्तव में एक साबुन है, लेकिन आम तौर पर यह माना जाता है कि साबुन का पीएच बालों के लिए आदर्श से कम है। वास्तविक साबुन फैटी एसिड और क्षार के बीच प्रतिक्रिया का उत्पाद है।

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